आवारा जानवर , अब स्कूल के अंदर : हाथरस

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 हाथरस। अन्नदाता कभी फसल में सूखे की मार, कभी बेमौसम बरसात की
मार, तो कभी फसल का सही मूल्य न मिलने की बजह से अन्नदाता हर समय किसी समस्या
से जूझता ही रहता है। जिसके चलते कई बार तो अन्नदाता आत्महत्या तक कर लेता है।
लेकिन इतना सब कुछ होने के बाबजूद भी अन्नदाता अपना खून पसीना एक करते बंजर
जमीन में फसलों को तैयार करता है। लेकिन आज के समय में अन्नदाताओं के सामने
आवारा पशुओ के रूप में एक ऐसी समस्या खड़ी हो गयी है जिसका उनके पास कोई इलाज
नहीं है। जिससे अन्नदाता काफी परेशान है।

बार बार अन्नदाता द्वारा प्रदेश सरकार से आवारा पशुओ का समाधान किये जाने
के लिये गुहार लगाये जाने के बाद भी समस्या का निस्तारण न होने पर अब अन्नदाता
का गुस्सा फुट पड़ा है। आवारा पशुओ से हो रही फसल वर्वादी को देखते हुये
अन्नदाता अब आवारा पशुओ को सरकारी विद्यालयों में बंद करने पर मजबूर हो गया।
ऐसा ही कुछ उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की सादाबाद तहसील क्षेत्र के गांव
एदलपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय एदलपुर में देखने को मिला जहाँ अन्नदाताओं ने
भारी संख्या में इकठ्ठा होकर आवारा पशुओ को विद्यालय में बंद करते हुये
विद्यालय की तालाबंदी की। अन्नदाता का मानना है ऐसा करने से प्रदेश की सरकार
उनकी समस्या का समाधान करेगी।

अलीगढ रेंज मंडलायुक्त अजय दीप सिंह जब इस बारे में बात की गयी तो
उन्होंने बताया की ग्रामीणों और किसानो द्वारा किया जा रहा है ये प्रक्रिया
गलत है, स्कूल बच्चो के पढ़ने के लिये न की पशुओ को बंद करने लिये नहीं। और जो लोग ऐसा कर रहे है उनसे हमारी अपील है। वह ऐसा न करे और जो पशु है वह बहुत सारे परिवारों के द्वारा ही छोड़े जाते है। जब वह अनउपयोगी हो जाते है तो उन्हें छोड़ दिया जाता है। सरकार ने उसपर बड़े स्तर पर पहल की है प्रत्येक जनपद को इसके लिये सरकार ने 1 करोड़ 20 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। जिससे ग्राम पंचायत स्तर पर गौ शाला का निर्माण किया जा सके। हाथरस DM साहब ने गौ शाला की परियोजना को 1 करोड़ 20 लाख से बढ़ाकर 3 करोड़ की परियोजना की है।

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