कमिश्नर के निर्देशों के बाद सडकों पर उतरे केडीए अधिकारी,चिन्हित किये जा रही है होटल, नर्सिंग होम तथा कर्मिशयल स्टेट

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  •  चिन्हित किये जा रही है होटल, नर्सिंग होम तथा कर्मिशयल भवनो की पार्किंग व्यवस्था 
  • जागे नगरनिगम अधिकारी, कानपुर कमिश्नर ली सबकी क्लास…

सूरज सिंह तोमर / HARIOM GUPTA

कानपुर नगर, बीते दिनो कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा के द्वारा दिये गये निर्देशो के बाद केडीए सचिव केपी सिंह ने जोनल पवर्तन प्रभारी एसके नागर, अतुल मिश्रा, मुकेश अग्रवाल के साथ ही अवर तथा सहायक अभियंताओ के पंेच कसे थे और कहा था कि सभी अभियंता अपने अपने क्षेत्रों में पार्किंग की जांच कराये। अब अभियतांओं को 7 दिन में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। कोताही बरतने वाले अभियंताओं को कार्यवाही का भी भय है।
27 दिसम्बर 2018 को प्रमुखता से दिखाया गया था नगरसंवाद ने बिना पार्किंक के हॉस्पिटल और कमर्शियल स्टेट
27 दिसम्बर 2018 को प्रमुखता से दिखाया गया था नगरसंवाद ने बिना पार्किंक के हॉस्पिटल और कमर्शियल स्टेट

बतातें चले कि शहर में नर्सिंग होम, होटल, अपार्टमेंट तथा निजी प्रतिष्ठानो के निर्माण में मानको को ताक पर रखते हुए अवैध रूप से निर्माण हुए है। बडे-बडे मानक विपरीत निर्माण में केडीए के ही अधिकारियों की कृपा रही है और अब उनका ही किया उनके सामने आ रहा है। कमिश्नर इस विषय पर सख्त हो चुके है और पार्किंग की जमीन हडपने वालों को चिन्हित करने के निर्देश दे चुके है। वर्तमान में पूरे शहर में नर्सिंगहोम, होटल, माॅल, स्कूल-काॅलेज, अपार्टमेंट तो दर्जनो बन चुके है लेकिन यहां पार्किंग नही बनी। यही हाल कामर्शियल भवनो का भी है। लोगो ने निजी फायदे के लिए भवन तो खडे कर लिय लेकिन पार्किंग व्यवस्था न होने से आगंतुक अपने वाहन सडको पर खडे करते है। चुन्नीगंज चैराहे के पास गंगू महाराज मूर्ति के बगल में नया नर्सिंगहोम बना है। अति व्यस्त व कम चैडी रोड होने के बाद भी यहां पार्किंग की कोई व्यवस्था नही है। इसी प्रकार उर्सला एमरजेंसी के बगल से कचेहरी रोड पर भागर्व नर्सिंग होम तथा उसके सामने बनी नई कामर्शियल इमारत में भी पार्किंग की कोई व्यवस्था न होने के कारण सडक पर वाहन खडे होते है और सारा दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इसी प्रकार शहर में होटल भी बने है। कल्याणपुर क्षेत्र में तो सारे निर्माण ही अवैध बने है। दर्जनो की तादात में बेतरतीब बने अस्पताल और अवैध निर्माण सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों के साथ हुए सांठ-गांठ की पोेल खोल रहे है। फिलहाल इस ओर कमिश्नर का रूख सख्त हो चुका है और ऐसे में पार्किंग व्यवस्था की जांच शुरू की गयी है। विभाग द्वारा सार्वजनिक सडक, फुटपथ आदि पर वाहन लगवाने वाली संस्थानो के खिलाफ अब नोटिस जारी कर सख्त कार्यवाही की जायेगी।

अब होगी सील इमारतों की जांच
शहर में सील इमारतों में निर्माण कराने वालों को अब बक्शा नही जायेगा। प्रवर्तन विभाग के अभियतंताओं इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। केडीए सचिव ने सील इमारतों की औचक जांच कराने का फैसला लिया है। बताया जाता है कि इन इमारतों की जांच को केडीए के अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी ही करेगे तथा लंबे समय से प्रवर्तन में जमे अभियंताओं और कर्मचारियों को भी बदला जायेगा। बताया यह भी गया कि बीते वर्षो में जितनी भी इमारतों को सील किया गया उनकी चेकिंग की जायेगी साथ ही इस बात का ध्यान रखा जायेगा कि सील इमारतों में भी निर्माण सैसे हो गया।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क का काम शरू
केडीए द्वारा वर्षा के जल को संचयन करने के लिए तथा इस ओर लोगों को जागरूक करने के लिए शहर में पहले रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क के विकास का काम शुरू करा दिया गया है। यह इस प्रोजेक्ट के लिए दयानंद बिहार योजना इंद्रानगर स्थित सेंट्रल पार्क का चयन किया गया है। अब प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए वर्षा से पडी इस उबड-खाबड पार्क को साफ कराने का काम शुरू किया गया है। वहीं पार्क की डिजाइन बनाने का भी काम जारी है। पार्क को नई डिजाइन के साथ तैयार किया जायेगा। केडीए के अध्शिांसी अभियंता आरपी सिंह का कहना है कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क के विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।

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