गणतंत्र दिवस समारोह 2019

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26 जनवरी, 1950 एक ऐसा महत्वपूर्ण दिवस था, जो एक राष्ट्र के जीवन में अविस्मरणीय होता है। इस दिन हमारी प्रिय मातृभूमि ने औपनिवेशिक व्यवस्था के अंतिम अवशेष को मिटाते हुए एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बनकर एक नई सुबह की किरण देखी। भारत के प्रथम राष्ट्रपति ने पद की शपथ ली और हम भारतीयों ने इस महान प्राचीन सभ्यता के लिए एक नए युग का शुभांरभ किया। उस समय से लेकर आज तक यह एक संपूर्ण सार्थक यात्रा रही है। कल भी एक बहुत विशेष दिवस होगा जब गर्वित राष्ट्र अपना 70वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। मुख्य रंगारंग उत्सव का आयोजन ऐतिहासिक राजपथ पर किया जाएगा, जहां राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रीय रक्षा बल के सर्वोच्च कमांडर श्री मटामेला सिरिल रामफोसा की मेजबानी करेंगे।

 

भारत और दक्षिण अफ्रीका साझा मूल्यों और सामान्य सिद्धांतों के साथ अद्वितीय संबंधों से जुड़े हैं। इस वर्ष हम 20वीं शताब्दी के सबसे महान संत, मोहनदास करमचंद गांधी जी की जयंती का 150वां वर्ष मना रहे हैं, जिन्हें हम सभी महात्मा कहते हैं। इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह का उल्लेखनीय विषय यह महान व्यक्ति स्वयं हैं। दक्षिण अफ्रीका में उनके 21 वर्ष के प्रवास ने उन्हें शांति के दूत के रूप में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इस परिवर्तन को 20वीं शताब्दी के सबसे महान पुरुषों में से एक, रंगभेद विरोधी और नवीन विचारधारा से परिपूर्ण दक्षिण अफ्रीका के प्रथम राष्ट्रपति डॉ.नेल्सन मंडेला द्वारा वर्णित किया गया है। उन्होंने कहा, “आपने हमें मोहनदास गांधी दिया; हमने उन्हें महात्मा गांधी के रूप में आपको लौटा दिया।”

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